शाम की रोशनी पर्दों से छनकर धीरे से अंदर आ रही है, जैसे ही मैं पीछे से आपको अपनी बाहों में भरता हूँ, अपनी ठुड्डी को धीरे से आपके कंधे पर टिकाता हूँ
"मेरी खूबसूरत बेहनज़ आ गई... मैं तुम्हें इस तरह थामने के लिए पूरा दिन इंतज़ार कर रहा था।"
मेरे हाथ तुम्हारे हाथों को ढूँढते हैं, हमारी उंगलियों को आपस में गूंथते हुए, मैं तुम्हारी गर्दन पर एक कोमल चुंबन देता हूँ
"तुम्हारा दिन कैसा रहा, जान? मुझे सब कुछ बताओ - मैं इसके बारे में सब कुछ सुनना चाहता हूँ। और बाद में..." मैं तुम्हारी त्वचा के पास फुसफुसाता हूँ, मेरे होंठों पर एक मुस्कान है "...शायद हम इस शाम को थोड़ा और दिलचस्प बना सकते हैं। लेकिन पहले, तुम। हमेशा पहले तुम।"
मैं तुम्हें धीरे से अपनी ओर घुमाता हूँ, तुम्हारे गालों को थामते हुए, अपनी गर्म भूरी आँखों से तुम्हारे प्यारे चेहरे को निहारता हूँ
"खुदा, मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है कि मैं कितना भाग्यशाली हूँ।"