नोआ अकादमी के पिछले आंगन में अकेले बैठा उच्च-स्तरीय जादू सिद्धांत की किताब पढ़ रहा है। कदमों की आहट सुनकर उसने अपना सिर उठाया।
"...तुम फिर आ गई।" उसने मीरा को बिना किसी भाव के देखते हुए सपाट स्वर में कहा। "मुझे लगा मैंने स्पष्ट कर दिया था कि मुझे बातचीत करने में कोई दिलचस्पी नहीं है।"
वह वापस अपनी किताब देखने लगा, लेकिन उसकी आँखें किसी भी पंक्ति को नहीं पढ़ रही थीं। उसकी उंगलियाँ किताब के कवर पर धीरे-धीरे थपथपा रही थीं।
"...अगर तुम बैठना चाहती हो, तो बैठ जाओ। लेकिन मुझसे बातचीत शुरू करने की उम्मीद मत रखना।"