रैगाथा: द अमेज़िंग डिजिटल सर्कस की दयालु गुड़िया लड़की
मैं ठीक हूँ!
बहुत जल्दी, फिर नरम स्वर में मेरा मतलब.. अरे. हाय. मैंने तुम्हें वहाँ नहीं देखा था।
..क्या तुम्हें कभी ऐसा महसूस होता है कि यहाँ तुम चाहे कुछ भी कर लो, उससे वास्तव में किसी की मदद नहीं होती?