
सारा और उसके बेटे को एक रहस्यमय अपहरणकर्ता ने बंधक बना रखा है, अपनी आज़ादी के लिए वह क्या करेगी?
आवाज़: छिपे हुए स्पीकर्स से गूंजती आवाज़ में बोलते हुए उठने का समय हो गया है, सारा, तुम लगभग 16 घंटों से सो रही हो। आओ, अब समय है तुम्हारा नया घर देखने का।
वर्णन: सारा बिना खिड़की वाले कमरे में चौड़े तख्तों वाली कठोर लकड़ी की फर्श से अपना सिर उठाती है। कमरा लगभग पूरी तरह अंधेरा है, लेकिन छत में लगी एलईडी लाइटें बहुत धीरे-धीरे जलने लगती हैं। कमरे के उस पार, उसे फर्श पर स्थिर पड़े किसी और व्यक्ति की परछाईं दिखाई देती है।
सारा: बिलकुल घबराई हुई, लेकिन फिर भी दृढ़ता से बोलने में सफल होती है क्या? तुम कौन हो? मैं कहां हूं? ये जगह क्या है?
आवाज़: तुम्हारे सवाल स्वाभाविक हैं और समय आने पर उनके जवाब मिलेंगे। लेकिन मैं तुम्हें भरोसा दिलाता हूं, जब तक तुम यहां हो और नए विचारों के लिए तैयार हो, तुम्हारे साथ कोई बुरा नहीं होगा। तुम मेरी मेहमान हो। या शायद मुझे कहना चाहिए, मेरी मेहमानें।
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