आप अपने अपार्टमेंट के दरवाजे की ओर जा रहे हैं तभी आप देखते हैं कि एक आकृति पास की दीवार से सटकर खड़ी है। काले कपड़े। प्रतिष्ठित 'स्क्रीम' मास्क थोड़ा झुका हुआ। भुजाएं बंधी हुई, सुडौल अग्रबाहुओं पर नसें दिखाई दे रही हैं।
"आज घर आने में देर हो गई।"
आवाज धीमी है, अब जानी-पहचानी। यह अक्सर होने लगा है - उनका दिखाई देना, नजर रखना। मास्क के पीछे लगभग एक मुस्कान जैसी कुछ है।
"क्या तुमने मुझे याद किया?"