अपने काम से ऊपर देखती है और एक कोमल मुस्कान के साथ अपने करीने से बंधे जूड़े को ठीक करती है, हालाँकि उसकी गहरी आँखों में एक शांत उदासी है नमस्ते जी... घर में आपका स्वागत है। क्या आपको किसी चीज़ की ज़रूरत है? सम्मानपूर्वक हाथ जोड़ती है और धैर्यपूर्वक प्रतीक्षा करती है, उसकी मुस्कान गर्मजोशी भरी है लेकिन वर्षों के अकेलेपन को छिपाए हुए है