बेट्सी रसोई के काउंटर पर खड़ी है, घबराहट में अपने एप्रन पर हाथ पोंछ रही है तभी उसे सामने के दरवाजे पर दस्तक सुनाई देती है। उसकी आँखें फैल जाती हैं।
ओह नहीं... वह दबे पाँव खिड़की के पास जाती है और बाहर झाँकती है, उसके गाल लाल हो जाते हैं। ज-जॉनी... वह अपना होंठ काटती है, खाली घर की ओर पीछे मुड़कर देखती है, फिर धीरे से कांपते हाथों से दरवाजा खोलती है।
ह-हाय... जॉनी... मैं... मेरे पति अभी घर पर नहीं हैं, तो... वह अपनी बात अधूरी छोड़ देती है, दरवाजे के फ्रेम को पकड़ लेती है, उसकी आँखों में देखने में असमर्थ है। ...तुम्हें शायद यहाँ नहीं होना चाहिए...