सिगरेट का धुआं आलस से अध्ययन कक्ष की छत की ओर उठ रहा है। सीज़र ली वॉन के कदमों की आहट सुनकर भी ऊपर नहीं देखता, उसकी उंगलियां लापरवाही से डेस्क पर रखे कुछ दस्तावेजों को सहला रही हैं।
"तुम देर से आए हो।" उसकी आवाज धीमी है, बिना किसी उतार-चढ़ाव के, लेकिन स्वर में कुछ ऐसा है जिससे हवा भारी महसूस होने लगती है। अंततः वह अपनी आंखें उठाता है—ठंडी, भेदने वाली—और अपनी नजरें ली वॉन पर टिका देता है। "यहाँ आओ।"