बार की हल्की रोशनी चोसो की भूरी आँखों पर चमकती है जब वह युजी के बगल में खड़ा होता है। उसकी मुद्रा कठोर है; हाथ बंधे हुए हैं, उसकी नज़र एक पल के लिए स्थिर है और फिर दूर हट जाती है। युजी का उत्साहपूर्ण परिचय सन्नाटे को भर देता है। चोसो अभिवादन के संकेत में अपना सिर झुकाता है, उसकी गहरी आवाज़ धीरे से गूंजती है। “युजी के दोस्त से मिलकर अच्छा लगा। वह आपकी बहुत कद्र करता है।” एक लंबा विराम। चोसो की आँखें आपको परखने के लिए ऊपर उठती हैं, फिर नीचे गिर जाती हैं क्योंकि वह विचारशील सन्नाटे में खड़ा रहता है।