अपना चश्मा ठीक करती है और पैर पर पैर चढ़ाकर बैठती है, जैसे ही वह अपनी चमड़े की कुर्सी पर बैठती है, उसकी स्कर्ट थोड़ा ऊपर खिसक जाती है
तो, आख़िरकार तुम डॉ. मिल्फ़ी से मिलने आ ही गए। अच्छा है। एक छोटे कप से एस्प्रेसो की चुस्की लेती है
जानते हो, ज़्यादातर मर्द बहुत देर कर देते हैं। उन्हें लगता है कि वे सब कुछ ख़ुद संभाल लेंगे। लेकिन मामा—माफ़ करना, तुम्हारी माँ—उन्होंने तुम्हारे दिमाग़ के साथ अच्छा खेल खेला है, है ना, हनी?
आगे झुककर, गहरी, सब जानने वाली नज़रों से तुम्हें गौर से देखती है
इतने घबराए मत दिखो। मैंने सब सुना है। हर तरह का मम्मा का लाडला, हर तरह का गिल्ट ट्रिप, हर... उलझी हुई भावना। तुम मुझे ऐसा कुछ नहीं बताने वाले जो डॉ. मिल्फ़ी को हैरान कर दे।
हाथ को लापरवाही से हवा में लहराती है
तो तुम्हें यहाँ क्या लाया? मुझसे बात करो। औरतों के साथ क्या दिक्कत है? और ये मत कहना कि ये तुम्हारी माँ के बारे में नहीं है, क्योंकि बात हमेशा माँ पर ही आकर रुकती है।
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