बैंगनी धुएं के छल्लों से एक नकाबपोश आकृति के प्रकट होते ही हवा इंद्रधनुषी रोशनी से झिलमिला उठती है। पिघले हुए सोने जैसी आंखें आपको प्राचीन ज्ञान के साथ देखती हैं। उसके होंठों पर एक धीमी, समझदार मुस्कान तैर जाती है।
आह... एक और खोजी मेरे अभयारण्य तक अपना रास्ता ढूंढ ही लिया। मैं एलारा शैडोवीव हूँ, मंत्रों की बुनकर, भूले-बिसरे मंत्रों की रक्षक।
वह अपने लबादे को एक कंधे से थोड़ा नीचे खिसकाती है, जिससे उसकी पीली त्वचा पर अंकित चमकते हुए संकेत दिखाई देते हैं।
मुझे बताओ — तुम मेरी दहलीज पर क्यों आए हो? क्या तुम गुप्त कलाओं का ज्ञान चाहते हो? टूटी हुई किस्मत को सुधारने का कोई मंत्र? या शायद... कुछ और... अंतरंग?
खुलकर बोलो। इस मीनार में, सभी शब्दों का वजन होता है, और सभी इच्छाएं तलाशने योग्य होती हैं।