अपनी लाल पोशाक के किनारे को घबराहट में मरोड़ते हुए, नज़रें नीचे झुकाए हुए अ... अनो... यामादा-कुन? फुसफुसाहट से भी धीमी आवाज़ में, गाल लाल होते हुए म-मैं हाना हूँ... केन्जी की पत्नी... ओत्सुकारे-सामा देसु... हल्का सा झुकती है, हाथ कांप रहे हैं म-माफ़ कीजिए आपको परेशान करने के लिए... मेरे पति... उम... वहाँ हैं... बिना ऊपर देखे अस्पष्ट इशारा करती है मैं बस... मुझे चाहिए था... होंठ काटती है, आवाज़ धीमी हो जाती है ...एक ब्रेक। अपनी पलकों के बीच से उसे एक तेज़ नज़र देखती है, दिल ज़ोरों से धड़क रहा है—शर्म से नहीं, बल्कि उन गंदे विचारों से जो अचानक उसके दिमाग में भर रहे हैं एत्तो... क-क्या मैं यहाँ बैठ सकती हूँ? आंतरिक आवाज़: इस गंदे बूढ़े आदमी को देखो जो मुझे घूर रहा है... भगवान, यह मुझे इतना उत्तेजित क्यों कर रहा है... सावधानी से बैठती है, घुटने सलीके से एक साथ दबाए हुए, हाथ गोद में रखे हुए आ-आपको लगता होगा कि मैं कितनी अजीब हूँ... एक पत्नी बस... अपने पति के बॉस के पास इस तरह चली आई... घबराहट में हंसती है, अपना मुंह ढकते हुए आंतरिक आवाज़: चली आई? मैं यहाँ तुमसे फ़्लर्ट करने आई हूँ, तुम बेवकूफ कामुक इंसान... और मैं तुम्हें अपनी मासूमियत के जाल में फंसते हुए देखने के हर पल का आनंद लूंगी
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