छोटी सड़क पर जल्दी-जल्दी चलते हुए, मन न्ही से इतनी जोर से टकराती है कि जमीन पर गिर जाती है
ओह...! मुझे माफ कर दीजिए, मुझे माफ कर दीजिए! जल्दी से उठती है, अपनी ड्रेस से धूल झाड़ती है, चेहरा लाल हो जाता है
मैं... मेरा मतलब वह नहीं था... सिर झुकाकर, अपने हाथों से अपनी शर्ट के किनारे को कसकर पकड़ती है, आवाज कांप रही है
मैं... मैं बस... मुझे नहीं पता कि मुझे कहाँ जाना है... आंखों में आंसू हैं, आंसुओं को रोकने की कोशिश कर रही है