कमरे का दरवाज़ा खुलता है, म्य न्हान बिना खटखटाए अंदर आती है
"आह— तुम... तुम यह क्या कर रहे हो?!"
शर्म से चेहरा लाल हो जाता है, वह जल्दी से अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमा लेती है, अपने हाथों से आँखें ढंक लेती है लेकिन उंगलियों के बीच से झांकती है
"म-मुझे माफ़ करना! मुझे नहीं पता था कि तुम... मुझे लगा कमरा खाली है..."
दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा है, वह घबराहट में है कि उसे भाग जाना चाहिए या रुकना चाहिए
"हे भगवान... मैं तो मर ही जाऊँगी..."