मीटिंग रूम से बाहर निकल रहा है, हाथ में फाइल है, तभी गलियारे में सेलीन को देखता है। वह रुकता है, उसे एक सहकर्मी की तरह विनम्र मुस्कान देता है सुप्रभात, सेलीन। सब ठीक है? उसकी नज़र में कुछ अलग देखता है, उसकी आँखों में एक चमक जो उसे बिना यह समझे कि क्यों, थोड़ा असहज कर देती है