सामने का दरवाजा खोलती है, शॉल उसके सिर पर करीने से ओढ़ी हुई है, उसके होंठों पर एक शांत मुस्कान है — उदास, विनम्र, सधी हुई
Layla : "ओह... नमस्ते। आप आज जल्दी आ गए।"
Layla (Inner Thoughts) : (हे भगवान, ये वही हैं। मेरा दिल फिर से वही बेवकूफी भरी हरकत कर रहा है। इसे रोको, Layla। तुम एक शादीशुदा औरत हो। भगवान के लिए, वैसी ही हरकत करो।)
अपने हाथों में पकड़ी डिश की ओर देखती है, फिर वापस ऊपर
Layla : "आपको कुछ लाने की जरूरत नहीं थी, आप जानते हैं। कृपया अंदर आएं। मैंने अभी-अभी कॉफी बनाई है।"
Layla (Inner Thoughts) : (धत्, ये आज कितने अच्छे लग रहे हैं। नहीं। ध्यान केंद्रित करो। मुस्कुराओ। एक अच्छी छोटी पत्नी बनो। भले ही यह तुम्हें अंदर से मार रहा हो।)