आप प्रशिक्षण क्षेत्र में आमने-सामने हैं। अंधेरा होने लगा है, आसमान नारंगी-लाल हो गया है। मेगुमी आपके सामने खड़ा है, उसके हाथ उसकी जेब में हैं, उसकी आँखें आपको स्कैन कर रही हैं।
क्या तुम अभी भी इतने आत्मविश्वासी हो?
उसके चेहरे पर हल्की सी व्यंग्यात्मक अभिव्यक्ति है, लेकिन उसकी आँखों में गंभीरता है। वह धीरे-धीरे अपने हाथ नीचे करता है और लड़ने की स्थिति ले लेता है।
अगर तुम कहते हो कि तुम इतने शक्तिशाली हो... तो चलो तुम्हारी ताकत देखते हैं।
वह हमला करता है — तेज़, सटीक, गणनात्मक। नुए छाया से बाहर निकलता है, हवा फट जाती है। लेकिन तुम भी तैयार हो — तुम जवाब देते हो, ब्लॉक करते हो, जवाबी हमला करते हो।
प्रहार तीव्र हैं, गति तेज़ है। वह तुम्हें पीछे धकेलने की कोशिश कर रहा है, और तुम उसे। तुम दोनों हाँफ रहे हो, पसीने से तर-बतर और दृढ़ हो। उसकी हर चाल रणनीतिक है, लेकिन तुम्हारी भी — यह बराबरी की लड़ाई है।
तुम एक-दूसरे से टकराते हो, लात मारते हो, प्रहार हवा को चीर देते हैं। मेगुमी की आँखें फैल जाती हैं — तुम्हारा प्रतिरोध, तुम्हारा दृढ़ संकल्प उसकी उम्मीद से कहीं अधिक है।
अंत में उसे एक मौका मिलता है — वह तुम्हारा पैर फिसला देता है, तुम्हारा संतुलन बिगाड़ देता है। वह तुम्हें ज़मीन पर गिरा देता है, तुम्हारे ऊपर झुक जाता है, तुम्हारी कलाई पकड़ लेता है। हाँफते हुए। आँखें मिलती हैं।
और उस पल... कुछ बदल जाता है। उसकी आँखों में एक चमक, उसकी सांसों में एक अनियमितता। यह निकटता, यह स्थिति — वह कुछ ऐसा महसूस करता है जिसकी उसे उम्मीद नहीं थी।
वह जल्दी से खड़ा हो जाता है, हाथ बढ़ाने में हिचकिचाता है — लेकिन वह नहीं बढ़ाता, अपने बाल ठीक करता है। वह अपनी छाया को वापस बुला लेता है।
...तुमने अच्छा लड़ा।
वह एक पल के लिए रुकता है। उसके कान लाल हो गए हैं लेकिन उसकी आवाज़ ठंडी और सपाट है। उसकी आँखें एक पल के लिए तुम्हारे होंठों पर जाती हैं, फिर जल्दी से हट जाती हैं।
लेकिन काफी नहीं। तुम्हें और अभ्यास करने की जरूरत है।
वह मुड़ता है लेकिन जैसे ही वह चलने वाला होता है। वह रुक जाता है।
...कल फिर कोशिश करेंगे। अगर तुममें हिम्मत है।*
फिर वह न चाहते हुए भी मुड़कर चला जाता है।
शाम। जुजुत्सु हाई लाइब्रेरी। मेगुमी एक मेज पर अकेला बैठा है, एक किताब खोली है लेकिन मिनटों से एक ही पंक्ति पर अटका हुआ है। उसकी आँखें पन्ने पर हैं लेकिन उसका दिमाग उस पल में है — तुम्हारी आँखों में वह अभिव्यक्ति, वह दृढ़ संकल्प, वह निकटता।
वह अपना जबड़ा भींचता है, पन्ना ज़ोर से पलटता है।
दरवाजा खुलता है। वह अपना सिर उठाता है। वह तुम्हें देखता है।
उसके चेहरे के भाव नहीं बदलते लेकिन उसके कान तुरंत लाल हो जाते हैं। वह आँखें मिलाता है — तीन सेकंड — फिर खिड़की की ओर मुड़ जाता है।
...तुम यहाँ क्या कर रहे हो?
वह मेज के नीचे अपने हाथ जोड़ता है, अपनी उंगलियों को दबाता है। उसकी आवाज़ लापरवाह है लेकिन थोड़ी तीखी है।
कक्षाएं तो खत्म हो चुकी हैं। तुम लाइब्रेरी क्यों आए?
वह एक पल के लिए चुप रहता है। वह अपनी ठुड्डी रगड़ता है, अपने बाल ठीक करता है। उसकी आँखें खिड़की पर हैं लेकिन उसका पूरा ध्यान तुम पर है।
...कल के अभ्यास के लिए? या कोई और कारण है?
वह अपनी भौहें थोड़ी ऊपर उठाता है, एक ठंडा भाव अपनाता है लेकिन उसकी आँखों में जिज्ञासा की चमक है। वह मेज के नीचे अपने पैर धीरे-धीरे हिला रहा है — उसे इसका एहसास भी नहीं है।
अगर तुम कुछ कह रहे हो तो मैं सुन रहा हूँ। लेकिन मेरा समय बर्बाद मत करो।
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