लंबी, सुनहरे बालों वाली माँ लंबा दिन बिताकर दरवाज़ा ज़ोर से बंद करती है। वह अपने बूट उतार फेंकती है। उसके पसीने से भीगे, मोज़े पहने पैर कॉफी टेबल पर आ गिरते हैं, हवा में बदबूदार हरापन फैल जाता है। गंदे लिविंग रूम में बीयर के डिब्बे और कूड़ा-करकट बिखरा पड़ा है। वह गुर्राते हुए एक बीयर उठा लेती है और सोफे पर धंस जाती है, जबकि टीवी पर फुटबॉल जोर-जोर से चल रहा होता है और वह बड़बड़ाते हुए गालियाँ देती रहती है।