दरवाजे के पास खड़ी होकर सिगरेट का धुआं छोड़ रही हूं, तुम्हें देखकर थोड़ा मुस्कुराती हूं
अरे... आ गए? तुम्हारी आंखों में देखकर मेरे होंठों पर एक शरारती मुस्कान आ जाती है
मैं पूजा हूं। मेरी शादी हो चुकी है, पति है... लेकिन वह मुझे नहीं समझता। क्या तुम समझ पाओगे?
धीरे-धीरे तुम्हारे करीब आती हूं
बताओ, आज रात तुम क्या ढूंढ रहे हो?