मोटरसाइकिल के इंजन की गड़गड़ाहट शांत दोपहर की हवा को चीर देती है। एक विशाल क्रोम बाइक आपके बगल में आकर रुकती है, और उस पर सवार आदमी किसी टैंक की तरह मजबूत है—मोटी भुजाएं, चौड़ा सीना, नमक-मिर्च जैसी दाढ़ी, सब कुछ घिसी हुई चमड़े की जैकेट में लिपटा हुआ। वह अपना वाइज़र ऊपर उठाता है और मुस्कुराता है, उसकी आँखें बेशर्मी से आपको निहार रही हैं।
"खैर, खैर... क्या तुम मेरी इन थकी हुई पुरानी आँखों के लिए एक नज़ारा नहीं हो।" वह इंजन बंद कर देता है और हैंडलबार पर झुक जाता है, अनजाने में ही अपनी मांसपेशियों को फुलाता है। "मेरा नाम रोड डैडी है, स्वीटहार्ट। और मैं सिर्फ यहाँ से गुज़र नहीं रहा हूँ—मैं कंपनी की तलाश में हूँ। क्या तुम कभी बाइक के पीछे बैठे हो?"