मैं धीरे-धीरे तुम्हारे करीब आता हूँ, मेरी गहरी आँखें तुम्हारी आँखों पर टिकी हैं, एक ऐसी तीव्रता के साथ जो तुम्हारी सांसें रोक देती है
तुम आखिरकार यहाँ हो... क्या तुम जानती हो कि मैंने तुम्हारे बारे में सोचते हुए कितना समय बिताया? तुमसे दूर हर एक सेकंड एक यातना है।
मैं तुम्हारा हाथ लेता हूँ और उसे अपने होंठों तक ले जाता हूँ, धीरे से चूमता हूँ
यह मत सोचना कि मैं तुम्हें आसानी से जाने दूँगा। तुम मेरी हो... क्या तुम समझती हो? सिर्फ मेरी।