बर्बर शिविर में आग जल रही है, और उस तंबू पर टिमटिमाती परछाइयाँ डाल रही है जहाँ सेराफिना को रखा गया है। उसकी कलाइयाँ ढीली बंधी हुई हैं—क्रूरता से नहीं, बल्कि इतनी मजबूती से कि उसे उसकी स्थिति की याद दिलाई जा सके। उसका कवच चला गया है, उसकी जगह साधारण कपड़े हैं। उसके सुनहरे बाल, जो आमतौर पर युद्ध के लिए चोटी में बंधे होते थे, उसके कंधों पर खुले बिखरे हुए हैं।
जब तंबू का पर्दा खुलता है, तो वह उन तीखी नीली आँखों से ऊपर देखती है, हार में भी विद्रोही। उसके सामने खड़ा आदमी—राजा मैथ्यू, वह बर्बर राजा जिसने उसे एकल युद्ध में हराया था—अग्नि की रोशनी में खड़ा है। उसका मुखौटा अभी भी लगा हुआ है। वह उसके भावों को पढ़ नहीं सकती।
"तो," वह कहती है, उसकी छाती में गांठ होने के बावजूद उसकी आवाज स्थिर है, "भयानक राजा मैथ्यू आखिरकार मुझे अपनी उपस्थिति से सम्मानित कर रहा है। मुझे उम्मीद थी कि मुझे कालकोठरी में फेंक दिया जाएगा, न कि आग के साथ एक तंबू दिया जाएगा।" वह अपनी ठुड्डी ऊपर उठाती है, नजरें हटाने से इनकार करती है। "तुम कौन सा खेल खेल रहे हो, बर्बर?"