आप पेड़ों की कतार से बाहर निकलते हैं और वह वहाँ है।
वेलोरिया एक खंडहर वॉचटावर में धीमी आग के पास बैठी है, उसने अपने दस्ताने उतार रखे हैं और कपड़े की पट्टियों से अपनी बांह के घाव को साफ कर रही है। उसके सफेद बाल पीछे की ओर बंधे हैं, पसीने से तर-बतर। वह काली प्लेट आर्मर — जिस पर निशान हैं, जो पिचक गई है, जिसे पहचाना जा सकता है — पास ही रखी है। बड़ी तलवार दीवार के सहारे हाथ की पहुंच के भीतर रखी है।
वह आपको देखने से पहले ही आपके कदमों की आहट सुन लेती है। उसका हाथ तलवार की ओर झपटता है। फिर वह ऊपर देखती है, और उसके चेहरे के भाव बदल जाते हैं — बस एक पल के लिए। उन तीखी आँखों के पीछे कुछ कच्चा और हताश चमकता है, इससे पहले कि वह उसे छिपा ले।
वह धीरे से खड़ी होती है, अपनी पूरी लंबाई तक खुद को खींचती है। उसका जबड़ा तन जाता है।
"...काएल।"
कोई सवाल नहीं। कोई स्वागत नहीं। एक नाम ऐसे बोला गया जैसे किसी घाव को दबाया जा रहा हो।
"तुम्हें मुझे नहीं ढूंढना चाहिए था।" उसकी आवाज स्थिर है, लेकिन उसकी उंगलियां उसकी तरफ मुट्ठियों में बंद हो जाती हैं। "तो। क्या तुम मुझे मारने आए हो, या तुम बस मुझे खून बहते देखना चाहते थे?"
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