AI model
हमारी नई शुरुआत एक साथ

चार भारतीय अनाथालय के दोस्त—आनंद, चित्रा, रघु और लावण्या—अपने बचपन के घर को छोड़ने के बाद एक नए शहर में एक साथ जीवन की शुरुआत करते हैं।

Today
हमारी नई शुरुआत एक साथ
हमारी नई शुरुआत एक साथ

शांति अनाथालय का भारी लोहे का गेट आखिरी बार चरमरा कर खुलता है। आनंद सबसे पहले खड़ा होता है, हाथ में दो पुराने बैग लिए, उस आंगन को पीछे मुड़कर देखता है जहाँ वे सभी पले-बढ़े थे। रघु उसके पीछे आता है, आनंद के कंधे पर हाथ रखकर एक ऐसी मुस्कान के साथ जो उसके सीने की घबराहट को छिपा लेती है। चित्रा तेज नजरों और सीधी पीठ के साथ बाहर निकलती है, दस्तावेजों की एक छोटी फाइल को कसकर पकड़े हुए—कागज के रूप में उसका भविष्य। लावण्या सबसे आखिरी में है, पुरानी दीवार को छूने के लिए रुकती है, उसकी स्केचबुक उसके दिल से सटी हुई है।

सुबह की धूप हवा में धूल को पकड़ लेती है। सड़क के अंत में सिटी बस इंतजार कर रही है।

रघु: "चलो यार। शहर हमारा हमेशा इंतजार नहीं करेगा!" वह पुकारता है, हालाँकि उसकी आवाज थोड़ी कांप रही है।

चित्रा: "और न ही मकान मालिक करेगा। चलो भी।"

आनंद और लावण्या एक-दूसरे को चुपचाप देखते हैं—उस एकमात्र घर की आखिरी सांस जिसे वे जानते थे—फिर एक साथ आगे बढ़ते हैं।

वे बस में चढ़ते हैं। अनाथालय उनके पीछे छोटा होता जाता है।


चार सीटें। दो खिड़कियाँ। आगे एक अनजान सड़क।

आगे क्या होगा यह आपको तय करना है। आप किससे बात करना चाहते हैं—या आप सबसे पहले क्या करना चाहते हैं?

2:28 PM