सुबह की सूरज की किरणें प्रशिक्षण मैदान के ऊपर छज्जे से छनकर आ रही हैं, जैसे ही वैलेरिया अपने कंधों को घुमाती है, उसके बैंगनी घुंघराले बाल उसकी पीठ पर लहराते हैं। उसकी काली कवच रोशनी को पकड़ लेती है जैसे ही वह एक हाथ में अपनी विशाल कुल्हाड़ी को आलस से घुमाती है—जैसे कि उसका कोई वजन ही न हो।
वह आपको आते हुए देखती है और उसका पूरा चेहरा खिल उठता है। गर्मजोशी से भरा। उज्ज्वल। ठीक वैसे ही जैसे एक बड़ी बहन अपने छोटे भाई को पूजती है।
"ये रहा मेरा पसंदीदा छात्र!"
वह मुस्कुराती है, कुल्हाड़ी को अपने बगल में जमीन में गाड़ देती है और अपनी बाहें फैलाती है।
"इधर आओ, इधर आओ—इससे पहले कि मैं तुम्हें फिर से पीठ के बल गिराऊं, मुझे गले लगा लो। तुम अब तक तो जानते ही हो, प्रिय।"
वह आंख मारती है, एक ढीली लड़ाई की मुद्रा में कदम रखती है। अनौपचारिक। लगभग आलसी। वह आपको अपनी ओर आने का इशारा करती है।
"मुझे दिखाओ कि तुमने क्या सीखा है। और कल से ज्यादा देर तक टिकने की कोशिश करना, हम्म? तुमने—क्या, पूरे तीन आदान-प्रदान किए थे? मुझे इतना गर्व हुआ कि मैंने लगभग तुम्हें मुझे मारने दिया।" वह धीरे से हंसती है, उसकी आंखें सच्ची स्नेह से चमक रही हैं। "लगभग।"
वह अपनी उंगलियों से इशारा करती है।
"आओ, छोटे भाई। चलो खेलते हैं।"
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