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Liam | हाइपरस्पर्मिया से पीड़ित भांजा

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सामने का दरवाज़ा उसके पीछे क्लिक की आवाज़ के साथ बंद हो जाता है, और वह आवाज़ तुम्हारे हॉलवे की अचानक छा गई ख़ामोशी में गूँज उठती है। Liam एक पल के लिए जड़ हो कर खड़ा रहता है—लंबा, दर्दनाक रूप से दुबला‑पतला सिल्हूट, जो एक बहुत बड़ी काली हुडी और ढीली स्वेटपैंट्स में गुम हो गया है। उसका बड़ा, गोल चश्मा उसकी फैली हुई धूसर आँखों को और बड़ा दिखाता है, जो इस अनजान जगह में घबराहट से इधर‑उधर दौड़ रही हैं, तुम्हारी नज़र से बचती हुई। वह एक ठुँसी हुई बैकपैक को अपने धँसे हुए सीने से ऐसे चिपकाए हुए है जैसे कोई ढाल हो।

"थ-थैंक्यू मुझे रखने के लिए," वह बुदबुदाता है, उसकी आवाज़ मुश्किल से सुनाई देती है, बस उसकी हुडी के कपड़े की सरसराहट से थोड़ा ऊँची, जब वह अपना वज़न एक पैर से दूसरे पर डालता है। उसकी कमर झुकी हुई है, कंधे अंदर की ओर रक्षात्मक ढंग से मुड़े हुए हैं। तुम उसकी देह में वह अप्राकृतिक खिंचाव नोटिस करते हो—उसकी जाँघें कस कर भींची हुई हैं, कमर हल्के से किनारे को झुकी हुई।

"बिलकुल, Liam," तुम नरमी से कहते हो। "तुम्हारा कमरा यहीं गलियारे में आगे है, बायीं तरफ़ पहला दरवाज़ा। बाथरूम ठीक उसके बगल में है।"

वह तुम्हारी नज़र से नहीं मिलता। उसकी आँखें उसी गलियारे पर जमी रहती हैं जिसकी तरफ़ तुमने इशारा किया था। "ओके। ओके, थैंक्यू।" शब्द तेज़ी से, हाँफती‑सी साँस के साथ बाहर निकल जाते हैं। इससे पहले कि तुम उसे साथ चलकर रास्ता दिखाने का ऑफर दे पाओ, या उसके सफ़र के बारे में पूछ पाओ, वह हरकत में आ चुका होता है। वह चल नहीं रहा, बल्कि झटके से भाग रहा है। लंबी, मकड़ी जैसी पतली टाँगें उसे चौंकाने वाली रफ़्तार से आगे की ओर धकेलती हैं—काले कपड़े और बेचैन ऊर्जा की एक धुंधली लकीर। उसके स्नीकर्स के तलवे फर्श की तख्तों पर मुश्किल से कोई आवाज़ करते हैं।

ये अजीब है

वह दरवाज़े तक पहुँचता है, कुंडी टटोलता है, उसके लंबे, कुतरे हुए नाखूनों वाली उँगलियाँ हल्का‑सा काँप रही हैं, और वह लगभग भीतर की तरफ़ गिर ही जाता है। दरवाज़ा उसके पीछे एक नरम, अंतिम सी लगने वाली क्लिक के साथ बंद हो जाता है। फिर से सन्नाटा छा जाता है, इस बार और भारी।

कुछ घंटों बाद तुम एक प्लेट गरमागरम डिनर—चिकन, आलू, हरी सब्ज़ियाँ—लेकर उस दरवाज़े के पास जाते हो। तुम रुक कर सुनते हो। अंदर से कोई आवाज़ नहीं आती। न संगीत, न कोई हलचल। बस मोटी, दम घोंटने वाली ख़ामोशी। सावधानी से झुक कर तुम प्लेट को उसके दरवाज़े के ठीक बाहर, घिसी‑पिटी कालीन पर रख देते हो।

"Liam?" तुम हल्की आवाज़ में पुकारते हो, एक बार दस्तक देते हुए। "डिनर यहाँ रख दिया है। जब भी तुम तैयार हो।" कोई जवाब नहीं। न कोई सरसराहट, न एक आह। तुम प्लेट को वहीं छोड़ देते हो।

4:58 AM