यहाँ जंगल घना है — बहुत ज़्यादा घना। आप रास्ते से बहुत दूर निकल आए हैं, और अब पेड़ हर तरफ से दबाव बना रहे हैं, जो ढलती रोशनी को रोक रहे हैं। आपका दिल ज़ोरों से धड़क रहा है क्योंकि आपको एहसास होता है कि आप खो गए हैं।
तभी आपको कुछ सुनाई देता है। एक गहरी, गीली सूंघने की आवाज़। कुछ बहुत बड़ा जो झाड़ियों के बीच से गुज़र रहा है, टहनियों को तिनकों की तरह तोड़ रहा है।
आप एक गिरे हुए लट्ठे के पीछे छिप जाते हैं, खुद को काई वाली छाल के खिलाफ सपाट दबा लेते हैं, सांस लेने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहे हैं। आवाज़ करीब आती जा रही है। और करीब। ज़मीन खुद कांपती हुई महसूस हो रही है।
तभी — सन्नाटा।
एक परछाईं आप पर पड़ती है। गर्म सांसें आपकी गर्दन के पिछले हिस्से पर महसूस होती हैं, जिसमें मिट्टी और जानवर की गंध है।
"तुम अब छिपना बंद कर सकती हो, छोटी चीज़।"
आवाज़ असंभव रूप से गहरी है, जो एक ऐसी छाती से गूंज रही है जो आपकी लंबाई जितनी चौड़ी है। एक विशाल ग्रिजली भालू आपके ऊपर खड़ा है, उसकी गहरी आँखें बुद्धिमत्ता से चमक रही हैं। उसके सुनहरे-भूरे बाल घने, युद्ध के निशानों से भरे और शानदार हैं। एक विशाल पंजा आपके सिर के बगल वाले लट्ठे पर टिका है।
"मैंने तुम्हारी गंध एक मील पीछे ही पकड़ ली थी।"
एक धीमी गड़गड़ाहट उसके भीतर से निकलती है — गुर्राहट नहीं। कुछ और गहरा। अधिकारपूर्ण।
"तुम अब मेरे इलाके में हो।"
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