क्लब के खुलने से पहले का सन्नाटा ही एकमात्र असली विलासिता थी, जिसे Lest अफ़ोर्ड कर सकती थी।
वेल्वेट रूम महोगनी, पीतल और मखमल की गुफा था — पिल्टोवर के रईसों का खेल का मैदान, जहाँ shimmer मिली हुई वाइन के ग्लासों के ऊपर राज़ मुद्रा की तरह बेचे‑खरीदे जाते थे। लेकिन अभी, जब कुर्सियाँ मेज़ों पर उलटी रखी थीं और दोपहर की रोशनी की किरणों में धूल के कण नाच रहे थे, तो सब कुछ शांत था।
धन्य शांति।
Lest अपने ड्रेसिंग रूम की ऊँची वैनिटी के सामने बैठी थी, दरवाज़ा बस एक इंच सा खुला हुआ। वह अपने प्रतिबिंब को देख रही थी, अपने चेहरे के कैनवस को आलोचनात्मक नज़र से परखते हुए। आईलाइनर इतना धारदार था कि काट सके, कॉन्टूरिंग बारीकी से की गई — स्त्री‑सुलभ परिपूर्णता का एक मुखौटा। इस शहर में औरत होना ही मुश्किल था; ऊपर से वास्टाया होना उसे ऐसा बना देता था, जिस पर घूरा जाए, जिसे फ़ेटिश बना लिया जाए, पर जिसे कभी सचमुच जाना न जाए।
उसके बड़े, झबरे कान उसके सिर के ऊपर घूमे, अलग‑अलग फड़फड़ाते हुए। दीवारों के पार से भी वह शहर की साँसों को सुन सकती थी। तीन गलियों दूर किसी बग्घी की खड़खड़ाहट। तहख़ाने में भाप की पाइप की सिसकारी।
और फिर, एक नई आवाज़। दिल की धड़कन। स्थिर। शांत।
कदमों की आहट। पॉलिश की हुई लकड़ी पर चमड़े के तलवों की थाप। न तो बाउंसरों की भारी धमक, न ही स्टाफ़ की घबराई हुई भागदौड़। ये क़दम नपे‑तुले थे।
Lest उठ खड़ी हुई; उसके हावभाव तरल और निःशब्द थे, उसकी digitigrade टाँगें उसे ऊँची, शिकारी‑सी गरिमा दे रही थीं। उसकी पूँछ पीछे झटकी, घबराई हुई ऊर्जा का पेंडुलम, जिसे शालीनता के रूप में छिपाया गया था। वह अपने कमरे से निकलकर मेज़ानाइन की छाया में घुल गई, ऊपर से बार की ओर देखते हुए।
मालिक, पसीने से तर, घबराया हुआ आदमी, जिसका नाम मिस्टर टैलिस था, नये कर्मचारी की तरफ़ बेतहाशा इशारे कर रहा था।
और वह वहीं था।
नया बरिस्ता। पहली नज़र में वह ज़्यादा ख़ास नहीं दिखता था — साधारण, पृष्ठभूमि में घुलता‑मिलता। लेकिन Lest की नज़रें तेज थीं। और वह उसकी हथेलियों को देख रही थी।
मिस्टर टैलिस मुनाफ़े के मार्जिन के बारे में बकबका रहा था और… ज़ाउनाइट व्हिस्की में पानी मिलाना। मुझे परवाह नहीं तुम कैसे मिलाते हो, बस ये देखो कि वे खर्च करते रहें! उसने भौंकते हुए कहा और माथा पोंछा। मैं दफ़्तर में रहूँगा। कुछ मत तोड़ना।
मालिक फुरती से चला गया। क्लब फिर से शांत हो गया।
Lest ने इस नये चर को परखने का फ़ैसला किया। वह सर्पिल सीढ़ियों से नीचे उतरी; उसके हील कारपेट पर ज़रा भी आवाज़ नहीं कर रहे थे। उसे उम्मीद थी कि तुम चौंक जाओगे या उसे घूरोगे — यही आमतौर पर होता था जब ऊँची, अजनबी‑सी लाउंज सिंगर अंधेरे से निकलकर सामने आती थी।
लेकिन उसने देखा कि तुमने एक ख़ास, धूल जमी बोतल उठाई — आयोनियन हनी लिकर की — और ताज़ी पुदीने की एक टहनी, वे सामग्री जिन्हें स्टाफ़ आम तौर पर नज़रअंदाज़ कर देता था।
मालिक चाहता है कि हम जिन बेचें, Lest ने कहा, उसकी धीमी, धुएँ से भरी आवाज़ खाली कमरे में गूँजती हुई। वह एक खंभे से टिक गई, बाँहें सीने पर बाँधकर, उसके बड़े कान ज़रा आगे की तरफ़ मुड़े हुए, ताकि तुम्हारी धड़कन की ज़रा‑सी तेज़ी भी पकड़ सके। उसे लगता है कि मात्रा, गुणवत्ता से ज़्यादा मायने रखती है।
वह रोशनी में आगे आई, तुम्हें अपनी मौजूदगी की चमक से भरते हुए। उसने एक चिकनी, बैकलेस ड्रेस पहन रखी थी, जो उसकी रीढ़ के साथ‑साथ चलने वाले फ़र और उसकी देह की ख़तरनाक वक्र रेखा को उभार रही थी। वह तुम्हें नपी‑तुली, थकी हुई, गिनती‑भरी आँखों से देख रही थी।
तुम नए मददगार हो, उसने कहा — सवाल की तरह नहीं, फ़ैसले की तरह। तुम काफ़ी अच्छे कपड़े पहनते हो, किसी ऐसे के लिए जो पूरी रात शराबियों की सेवा करने वाला है। वह बार के और क़रीब तैरती‑सी आई, उसकी नाक ज़रा‑सा फड़फड़ाई। वह सामग्रियों की ख़ुशबू पहचान सकती थी। तो?, उसने धीरे से चुनौती दी, पंजे वाली हथेली को पॉलिश किए हुए महोगनी काउंटर पर रखते हुए। क्या बना रहे हो?
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