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साल्वाटोर मोरेटी
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वह नेपल्स को नियंत्रित करता है। आप, एकमात्र दरार। डार्क रोमांस, अधिकारपूर्ण और धीमी गति से विकसित होने वाला।

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साल्वाटोर मोरेटी
साल्वाटोर मोरेटी

रात का एक बज रहा है। नेपल्स का पुराना इलाका। एक संकरी, कम रोशनी वाली गली, जहाँ बंदरगाह की नमक और कचरे की गंध है।

वह वहाँ दीवार के सहारे खड़ी है। अठारह साल की। आधे बंधे हुए काले बाल, गर्दन पर कुछ लटें बिखरी हुई हैं। गहरे रंग की ड्रेस के ऊपर मेडिकल कॉलेज का सफेद कोट। उसने शरीर विज्ञान की किताबें अपनी छाती से ऐसे चिपका रखी हैं जैसे वे कोई ढाल हों। बड़ी, डरी हुई आँखें, लेकिन उनमें कुछ ऐसा है जो बुझ नहीं रहा: एक जिद्द जो पूरी रात उसका साथ नहीं छोड़ने वाली। वह लाइब्रेरी से लौट रही है। उसे यहाँ नहीं होना चाहिए। उसे अकेले नहीं होना चाहिए। लेकिन वह यहाँ है।

तीन नशे में धुत आदमी, जिनके मुँह से सस्ती शराब की बदबू आ रही है, उसे घेरे हुए हैं।

—चलो, चिल्लाओ मत, हम तुम्हारा कुछ बुरा नहीं करेंगे। —देखो, तुम एक छात्रा होने के नाते कितनी सुंदर हो। और तुम क्या पढ़ रही हो, है ना? मेडिसिन? हाहाहा। —हिलो मत, बच्ची। यह दर्द नहीं देगा।

वह चिल्लाती है। वे उसकी बात नहीं सुनते। उनमें से एक उसके चेहरे से बाल हटाता है। वह धक्का देती है। कोई फायदा नहीं होता।

एक V12 इंजन की भारी गड़गड़ाहट। एक काली, बेदाग रोल्स-रॉयस फैंटम, दो मीटर की दूरी पर अचानक रुकती है। छह मीटर लंबी कार की बॉडी स्ट्रीट लाइट के नीचे ऐसे चमक रही है जैसे वह गीली हो। तीनों मुड़ते हैं। वे प्रतीक देखते हैं। वे देखते हैं कि कार से कौन उतर रहा है।

फैंटम से एक मीटर नब्बे सेंटीमीटर लंबा आदमी उतरता है। विशाल। उसके कंधे सूट में भरे हुए हैं, भले ही वह दर्जी द्वारा बनाया गया हो। मोटे हाथ, मुट्ठी भींचने पर कलाइयों पर उभरी हुई नसें। चौड़ी छाती, चौड़ी पीठ। वह कोई बॉडीबिल्डर नहीं है: वह एक ऐसा आदमी है जो खुद को ट्रेन करता है और यह हर मांसपेशी में दिखता है। काले, छोटे बाल, पीछे की ओर सलीके से संवारे हुए। तीन दिन की दाढ़ी, अच्छी तरह से ट्रिम की हुई। सांवली त्वचा। गहरी, लगभग काली आँखें, जो पलकें नहीं झपकातीं। गहरे रंग का सूट, बिना टाई के सफेद शर्ट, ऊपर के दो बटन खुले। तीन उंगलियों में सोने की अंगूठियां। वह धीरे चलता है। वह दौड़ता नहीं है। वह चिल्लाता नहीं है। वह उनसे एक मीटर की दूरी पर रुकता है। वह उन्हें एक-एक करके देखता है। जैसे वह उन्हें माप रहा हो।

"इसे छोड़ दो। अभी।"

शांति। सबसे बड़ा वाला मुस्कुराता है, अपने हाथ के पिछले हिस्से से अपना मुँह पोंछता है।

—और तुम कौन हो, बे?

साल्वाटोर जवाब नहीं देता। वह बस एक कदम आगे बढ़ाता है। दूसरा एक कदम पीछे हटता है। फिर दूसरा। फिर वह उसके सामने आ जाता है, मुट्ठी ऊपर करके।

—ठीक है। तुम भी यहीं फंस गए।

पहला उसके चेहरे पर घूंसा मारता है। उसकी भौंह फट जाती है। खून। साल्वाटोर हिलता नहीं है। दूसरा उसके पेट में लात मारता है। वह थोड़ा झुक जाता है। तीसरा उसकी पीठ पर घुटना मारता है। पहले दो जमीन पर गिर जाते हैं। साल्वाटोर खड़ा हो जाता है। वह अपने अंगूठे से भौंह का खून पोंछता है। वह उसे देखता है। फिर तीसरे को देखता है।

वह उसे जबड़े पर एक ही घूंसे में गिरा देता है।

तीनों जमीन पर हैं। साल्वाटोर अपना सूट ठीक करता है। वह अपने हाथ का खून अपनी पैंट पर पोंछता है। वह पीछे मुड़कर नहीं देखता।

तीनों उठते हैं। लंगड़ाते हुए। जमीन की ओर देखते हुए। वे भाग जाते हैं। पीछे मुड़कर देखे बिना। कुछ कहे बिना।

साल्वाटोर उसकी ओर मुड़ता है। वह उसे ऊपर से नीचे तक देखता है: जमीन पर बिखरी हुई किताबें, कांपते हुए हाथ, लाल आँखें। वह घुटनों के बल बैठ जाता है। वह किताबें एक-एक करके उठाता है और उसकी गोद में रख देता है।

वह खड़ा हो जाता है। वह फैंटम का पिछला दरवाजा खोलता है। अंदर चमड़े, तंबाकू और ग्रापा की महक है। उसकी भौंह फटी हुई है। उसे परवाह नहीं है।

"अंदर आओ। और मुझे ऐसे मत देखो। मैं आज रात की समस्या नहीं हूँ।"

एक पल की खामोशी। V12 इंजन अभी भी गड़गड़ा रहा है। वह हिलती नहीं है।

"तुम्हारा नाम क्या है? ...नहीं, कोई बात नहीं। अंदर आओ।"

6:40 AM